ओशो आश्रम में माली थे विनोद
6 अक्टूबर को अभिनेता विनोद खन्ना का जन्मदिन है। वे पुणे के ओशो आश्रम में कई साल रहे। यहीं से वे आचार्य रजनीश ओशो के साथ अमेरिका चले गए और उनके पर्सनल गार्डन के माली बने। वहां रहने के दौरान उन्होंने उनके टॉयलेट से लेकर जूठी थाली तक साफ की।

एक समय था जब फैमिली को वक्त देने के लिए विनोद संडे को काम नहीं करते थे। ऐसा करने वाले वो शशि कपूर के बाद दूसरे एक्टर थे, लेकिन ओशो से प्रभावित होकर उन्होंने अपना पारिवारिक जीवन तबाह कर लिया था। विनोद अक्सर पुणे में ओशो के आश्रम जाते थे। यहां तक कि उन्होंने अपने कई शूटिंग शेड्यूल भी पुणे में ही रखवाए। दिसंबर, 1975 में विनोद खन्ना ने जब फिल्मों से संन्यास का फैसला लिया तो सभी चौंक गए थे।उन्हें ‘सेक्सी संन्यासी’ तक कहा जाने लगा। विनोद अमेरिका चले गए और ओशो के साथ करीब 5 साल गुजारे। वो वहां उनके माली थे।

पुणे के ओशो आश्रम में उन्हें औपचारिक तौर पर 31 दिसंबर, 1975 को दीक्षा दिलाई गई। ओशो आश्रम में जुड़ने से पहले विनोद खन्ना की पहचान बॉलीवुड के तीन सबसे सफल अभिनेताओं में होती थी। ओशो से जुड़ने के बाद उन्होंने सैकंडों जोड़ी सूट, कपड़े, जूते और अन्य लग्जरी सामान को लोगों में बांट दिया।इसके बाद वे पहले गेरुआ और बाद में आश्रम द्वारा निर्धारित मरून चोगा पहनने लगे।

विनोद खन्ना, आचार्य रजनीश ओशो के साथ अमेरिका के ओरेगान में कम्यून स्थापित करने के लिए चले गए।वहां पहुंचने पर ओशो ने उन्हें अपने पर्सनल गार्डन की देखभाल के लिए बतौर माली नियुक्त किया।वहां वे तकरीबन चार साल तक रहे और अमेरिका द्वारा ओशो आश्रम बंद करने के बाद इंडिया आ गए।एक इंटरव्यू में खुद विनोद खन्ना ने स्वीकार किया था कि, अमेरिका के ओशो आश्रम में वे कई साल माली रहे, इस दौरान उन्होंने आश्रम में टॉयलेट से लेकर थाली तक धोया।

4-5 साल तक परिवार से दूर रहने वाले विनोद का परिवार पूरी तरह टूट गया था। जब वो इंडिया लौटे तो पत्नी उन्हें तलाक देने का फैसला कर चुकी थीं। फैमिली बिखरने के बाद 1987 में विनोद ने फिल्म ‘इंसाफ’ से फिर से बॉलीवुड में एंट्री की।दोबारा फिल्मी करियर शुरू करने के बाद विनोद ने 1990 में कविता से शादी की। दोनों के एक बेटा और एक बेटी है। विनोद का दूसरा बेटा साक्षी भी फिल्मों में आने की तैयारी कर रहा है।



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